
चक्रधर नगर रेलवे फाटक पर लू के थपेड़े और झुलसाती गर्मी में घंटों जाम में फंसे रहे शहरवासी, पांच मिनट का सफर तय करने में लग रहा घंटों का समय
इधर रेलवे ओवरब्रिज से जूटमिल कबीर चौक तक वाहनों का रेला, चक्रधरनगर रेलवे फाटक से कमला नेहरू उद्यान, सरला विला तक जाम ही जाम
क्रांतिकारी न्यूज
रायगढ़। वैशाख माह में सूर्यदेव ने तपिश दिखानी शुरू कर दी है। पारा 43 डिग्री पर पहुंच चुका है। इधर रेलवे ने ब्लाक लेकर केलो नदी के पुराने ब्रिज की मरम्मत शुरू कर दी है। इसके लिए चक्रपथ पर सडक़ आवागमन बंद है। इसके कारण यातायात का दबाव चक्रधर नगर रेलवे फाटक, रेलवे ओवरब्रिज व रेलवे अंडरब्रिज गंधरी पुलिया पर बढ़ गया है। इसके चलते पूरा शहर जाम से जूझ रहा है। रेलवे लाइन के उस पार चक्रधर नगर व जूटमिल क्षेत्र की ओर आने-जाने वाले रास्तों पर भारी जाम लग रहा है। पांच मिनट का सफर तय करने में लोगों को घंटों लग जा रहा है। लू के थपड़े के बीच लोगों का बुरा हाल है। स्कूली बसें भी जाम मेंं घंटों फंस रही है। पूरा शहर त्राहिमाम कर रहा है।

ट्रैफिक पुलिस के जवान यातायात बहाली के लिए मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक का दबाव इतना ज्यादा है कि वे असहाय साबित हो रहे हैं। सोशल मीडिया में लोग रेलवे के साथ प्रशासन को भी कोस रहे हैं। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह रहेगा। बुधवार को तापमान में एक डिग्री सेल्सियस बढऩे की संभावना है। छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में लोगों को और प्रचंड गर्मी का सामना पड़ेगा। मौसम विभाग ने आगामी अगले 48 घंटों में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम की मार के बाद शहरवासियों को जाम से भी जूझना पड़ रहा है। दरअसल रेलवे ने 25 अप्रैल तक चक्रपथ जाने जाने वाली सडक़ को ब्लॉक कर रखा हुआ है, क्योंकि चक्रपथ में जो रेलवे का ब्रिज है, उसमें गर्डर लांच किया जा रहा है, वहां मरम्मत का काम भी चल रहा है। चक्रपथ बंद होने से लाइन उस पार जाने व आने के लिए चक्रधर नगर रेलवे फाटक है, यह रेलवे लाइन भी काफी व्यस्त रहता है, जिसके कारण फाटक हर 10-15 मिनट में बंद हो जाता है। चक्रपथ बंद होने से यहां आवाजाही बढ़ गई है, जिसके कारण वाहनों की लंबी कतारें लग रही है। सोमवार को रेलवे ओवरब्रिज भी जाम हो गया है। रेलवे ओवरब्रिज से कबीर चौक तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इधर सरला विला, कमला नेहरू उद्यान तक जाम का नजारा था।

स्कूल बसें भी फंसी रही जाम में
जाम में स्कूली बसें भी फंसी रहीं। इसके चलते स्कूली बच्चों की हालत खराब हो गई। स्कूल से छुट्टी होने के बाद छोटे-छोटे बच्चों को लेकर बसें रवाना हुईं, तो चक्रधर नगर रेलवे फाटक, जूटमिल में बसें फंस गई। बस में बच्चे गर्मी से बेहाल दिखे। उनके माता-पिता भी खासे परेशान रहे। कई अभिभावक बाइक से पहुंचे, लेकिन उन्हें भी ट्रैफिक में फंसना पड़ गया। इधर गर्मी को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित करने की मांग भी तेज हो गई है।

कई लोग बेहोश होकर गिरे
सोमवार को शहर का तापमान 43 डिग्री रहा। सूर्य की तपिश काफी तेज थी। ऐसे में जाम में फंसे दोपहिया सवारों की हालत काफी खराब हो गई। घंटों जाम में फंसे होने के कारण बाइक में सवार कुछ लोग बेहोश भी हो गए। किसी तरह उन्हें पानी छिटककर होश में लाया गया। इस दौरान जाम में फंसे लोग रेलवे प्रशासन को कोसते रहे। पुलिस जवानों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से वाहन चालक ही यातायात क्लीयर करते दिखे। लोगों का कहना था कि प्रशासन यातायात का समुचित व्यवस्था बनाए या फिर ब्लाक के दौरान सडक़ पर चारपहिया व भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दे।
इधर कई जिलों में बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना भी जताई गई है। प्रदेश में इस समय दो तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। कुछ जिलों में तेज गर्मी और यलो अलर्ट है, तो वहीं कुछ जगहों पर आंधी और हल्की बारिश का भी अनुमान है। बालोद, जगदलपुर, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और कोंडागांव में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 48 घंटों में तापमान में 2-3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम में कोई खास बदलाव नहीं दिखेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल में 32 डिग्री सेल्सियस और 70 डिग्री सेल्सियस पर 5.8 किमी ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ही एक पूर्व-पश्चिम गर्त पाकिस्तान से झारखंड और बांग्लादेश तक फैला हुआ है, जिसकी ऊंचाई 0.9 किमी है। इसी कारण मौसम बार-बार करवट बदल रहा है।





