
क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़। छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन (एसडब्ल्यूसी) के बानीपाथर स्थित गोदाम में 3 जुलाई को हुई भारी बारिश के बाद गोदाम परिसर में पानी भर गया, जिससे नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के वितरण हेतु रखी गई 669 बोरी चावल पूरी तरह सड़ गई। इस घटना ने गोदाम प्रबंधन की लापरवाही और बदइंतजामी को उजागर कर दिया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई पहली बार नहीं है जब इस गोदाम में जलभराव की समस्या सामने आई हो। गोदाम की ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह विफल है, और बारिश के दौरान पानी की निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके चलते हजारों किलो खाद्यान्न बर्बाद हो गया, जो जन वितरण प्रणाली के तहत गरीबों तक पहुंचना था। जब इस संबंध में एसडब्ल्यूसी ब्रांच मैनेजर विकास गेडियन ने बताया कि गोदाम का बीमा कराया गया है और बीमा कंपनी से क्षति की भरपाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर व्यवस्था समय रहते दुरुस्त की गई होती, तो इतना बड़ा नुकसान रोका जा सकता था। बीमा से नुकसान की भरपाई तो हो सकती है, लेकिन इससे गरीबों को समय पर राशन नहीं मिलेगा और सरकार की योजनाओं पर भी असर पड़ेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने गोदाम प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजग़ी जताई है और मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई हो तथा गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए। साथ ही यह भी मांग की गई है कि बारिश से पहले सभी गोदामों की स्थिति की जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना सिर्फ एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि जि़म्मेदार अधिकारियों की उदासीनता का नतीजा है, जिसने ना सिर्फ सरकार के संसाधनों का नुकसान किया बल्कि ज़रूरतमंद जनता के हक पर भी कुठाराघात किया है।





