‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए महाराष्ट्र के शिरडी (अहिल्यानगर) में एक विशाल रक्षा विनिर्माण केंद्र शुरू किया गया है। इस डिफेन्स हब में प्रति वर्ष लगभग 5 लाख आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) तैयार किए जाएंगे, जो भारत के निजी क्षेत्र में इस तरह की सबसे बड़ी उत्पादन क्षमता है। अहिल्यानगर जिले में स्थित शिर्डी साईं मंदिर से लगभग 12 किलोमीटर दूर राज्य कृषि विकास निगम की बंजर भूमि पर देश का बड़ा ‘शिर्डी डिफेंस कॉम्प्लेक्स’ तेजी से विकसित किया जा रहा है।
यह भारत के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा आर्टिलरी गोला-बारूद उत्पादन केंद्र माना जा रहा है. यहां सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और बड़े-बड़े डोम तथा प्रदर्शनी स्टॉल तैयार किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में निबे (NIBE) समूह का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स स्थापित किया गया है. इस परिसर में हर साल करीब 5 लाख आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) तैयार किए जाएंगे. इसकी उद्घाटन आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. मेक इन इंडिया को बड़ी ताकत देने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है. यह भारत के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा आर्टिलरी गोला-बारूद उत्पादन केंद्र माना जा रहा है.
इस अत्याधुनिक रक्षा उत्पादन परियोजना का उद्घाटन आज (शनिवार, 23 मई) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. कार्यक्रम को लेकर पूरी तैयारियां हो गई हैं. कंपनी के मुताबिक, इस फैसले से भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और सेना को स्वदेशी गोला-बारूद की तेज आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में शनिवार को इस डिफेंस क्लस्टर का उद्घाटन किया जाएगा। इस परियोजना में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘ग्लोब फोर्ज’ ने लगभग 3000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
यह पूरा डिफेंस हब करीब 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 6 बड़े डोम बनाए गए हैं। यहां भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी सरकारी और निजी कंपनियों के 100 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
योजना के तहत यहां हर साल करीब 5 लाख तोप के गोले बनाने के लिए दो असेंबली लाइनें स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा डिफेंस ड्रोन और आरडीएक्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है।