1,104 नियुक्तियां पूरी: पिछली भर्ती प्रक्रिया के बचे हुए 1,104 सफल उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट लेटर सौंपे जा चुके हैं, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।

छत्तीसगढ़ में 5 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती होगी। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया सीबीटी के जरिए होगी। पिछले दो वर्षों में 1,104 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है।

 छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती को लेकर बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में 5 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई काम किए गए हैं। इनमें शिक्षकों की भर्ती, पदोन्नति, स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देना शामिल है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
मंत्री गजेंद्र यादव ने नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूल शिक्षा विभाग के पिछले दो वर्षों के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान 1,104 शिक्षकों की सीधी भर्ती की जा चुकी है। अब 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सीबीटी के जरिए होगी भर्ती

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी सीबीटी के जरिए भर्ती की जा रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय और दूसरे सरकारी संस्थानों में भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,171 पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया जारी है। यानी दोनों स्कूलों में कुल 3,066 पदों पर भर्ती होनी है।

453 स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था

शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 4,729 ऐसे स्कूलों में भी शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जहां पहले केवल एक शिक्षक था। स्कूलों में शिक्षकों की संख्या और व्यवस्था सुधारने के लिए 10,538 स्कूलों का समायोजन किया गया है। इसके साथ ही 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का भी समायोजन किया गया।

7 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पदोन्नति

शिक्षा विभाग में पिछले दो वर्षों के दौरान 7 हजार से ज्यादा पदोन्नतियां की गई हैं। इनमें 2,813 प्राचार्यों की पदोन्नति शामिल है। इसके अलावा 1,798 व्याख्याताओं को भी पदोन्नति दी गई है। मंत्री ने बताया कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति के साथ स्कूलों में खाली पदों को भरने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

दिव्यांग बच्चों के लिए 848 पद मंजूर

दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद मंजूर किए गए हैं। इनमें से वर्ष 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती की गई है।

स्कूलों में नई शिक्षा नीति लागू

प्रदेश के स्कूलों में 15 जुलाई 2024 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। कक्षा 1 और 2 की हिंदी की किताबों में बारहखड़ी को शामिल किया गया है। इसके अलावा कक्षा 1 और 2 के लिए स्थानीय और दूसरे राज्यों की भाषाओं में भी किताबें तैयार की गई हैं। कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों के लिए अतिरिक्त पढ़ने की सामग्री भी तैयार की गई है।

स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई पर जोर

बस्तर और सरगुजा जैसे इलाकों में बच्चों को उनकी स्थानीय भाषा में पढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। बस्तर संभाग में 2,700 शिक्षकों और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी भाषा में पढ़ाई के लिए किताबें तैयार करने का काम भी चल रहा है।

शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति

स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक और टीके ऐप से ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था लागू की गई है। विभाग के अनुसार हर दिन करीब 85 प्रतिशत शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही छुट्टी लेने, कागज रहित कामकाज और ऑनलाइन संपत्ति की जानकारी जैसी व्यवस्थाएं भी शुरू की गई हैं।

45 लाख से ज्यादा बच्चों को मुफ्त किताबें

शिक्षा विभाग के अनुसार कक्षा 1 से 10 तक के 45 लाख 33 हजार 261 विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। वहीं सरस्वती साइकिल योजना से 1 लाख 62 हजार 827 बालिकाओं को लाभ मिला है। कक्षा 1 से 8 तक के 28 लाख 63 हजार 786 बच्चों को मुफ्त गणवेश दिया गया है।

10वीं-12वीं के नतीजों में सुधार

शिक्षा मंत्री ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए परीक्षा से पहले तैयारी, ब्लूप्रिंट, पालक-शिक्षक बैठक और केंद्रीकृत परीक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया।

504 नए स्कूलों को मंजूरी

स्कूलों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूलों को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवन का प्रावधान किया गया है। साल 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्षों को भी मंजूरी दी गई है। स्कूलों के शौचालयों के निर्माण और मरम्मत के लिए 52 करोड़ 39 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।

150 उत्कृष्ट स्कूलों के लिए 100 करोड़

वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार की योजना हर विकासखंड में कम से कम एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने की है।

बस्तर में 48 बंद स्कूल फिर खुले

बस्तर संभाग में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी काम किया जा रहा है। विभाग के अनुसार संभाग के छह जिलों के 97 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल स्थापित किए गए हैं। बस्तर में 48 बंद स्कूलों को फिर से खोला गया है, जबकि 36 नए स्कूल शुरू किए गए हैं। इसके अलावा 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई उपलब्ध कराई जा रही है।

एआई से स्कूलों की निगरानी

स्कूलों की व्यवस्था पर नजर रखने के लिए एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसके जरिए स्कूलों की सुविधाओं, पीएम पोषण और दूसरी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। विभाग के अनुसार शिक्षकों, अभिभावकों और अधिकारियों से एक लाख से ज्यादा फोन कॉल के जरिए फीडबैक भी लिया गया है।

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