विनय बहुगुणा, श्रीनगर गढ़वाल। बदरीनाथ से हरिद्वार तक गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की आध्यात्मिक यात्रा अब एक ही छत के नीचे की जा सकेगी। यहां श्रद्धालु गंगा की उत्पत्ति से लेकर समुद्र में समाहित होने तक की कहानी जान सकेंगे।
इसके लिए बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर के भक्तियाणा में गंगा म्यूजियम आकार ले रहा है। यहां आधुनिक डिजिटल तकनीक से बहती नदी का आभासी अनुभव कराने के साथ चारधाम की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा। पहाड़ी स्थापत्य शैली में बन रहे दो मंजिला म्यूजियम का निर्माण अंतिम चरण में है।
4.39 करोड़ रुपये की लागत
करीब 4.39 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे म्यूजियम में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के उद्गम स्थल, प्रमुख संगम, धार्मिक मान्यता और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी मिलेगी। फोटो, चित्र, साहित्य और डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से गंगा की पूरी यात्रा को दर्शाया जाएगा।निचले तल पर नदियों और चारधाम से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी, जबकि ऊपरी तल पर फाइव-डी थिएटर विकसित किया जाएगा। म्यूजियम के भवन को पारंपरिक पहाड़ी शैली में तैयार किया जा रहा है। इसके मुख्य भाग में खोलीनुमा खंभ आकर्षण का केंद्र होंगे।
बाहरी दीवारों पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़े चित्र उकेरे जाएंगे। परिसर में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे रात में भवन की सुंदरता निखर उठेगी।
ग्रामीण निर्माण विभाग, पौड़ी के अधिशासी अभियंता एलपी भट्ट ने बताया कि म्यूजियम के ऊपरी तल पर प्रस्तावित फाइव-डी थिएटर पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होगा। इसमें फिल्म देखते समय वर्षा, बर्फबारी, हवा के झोंकों और सुगंधित धुयें जैसे प्रभावों की अनुभूति होगी।
दर्शक धार्मिक एवं पारिवारिक फिल्मों के साथ वृत्तचित्र भी देख सकेंगे। विभाग के अनुसार यह गढ़वाल क्षेत्र में फाइव-डी थिएटर की पहली सुविधा होगी। म्यूजियम परिसर में कैफे और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।