
क्या एनटीपीसी के अधिकारी भी धांधली में हैं शािमल, उठाए जा रहे सवाल..?.. शासन के जीपीएस सिस्टम की ऐसी-तैसी कर रहे ट्रांसपोर्टर, निकाल लिए तोड़
क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़। जिले के पर्यावरण विभाग का भगवान ही मालिक है। इस उद्योग नगरी में फ्लाई ऐश डंपिंग में धांधली करने और जीपीएस सिस्टम को चकमा देकर रायगढ़ के आस पास ही राखड डंप करने वालों पर किसी प्रकार की कार्यवाही पर्यावरण विभाग द्वारा नहीं की जा रही है। ऐसे में एनटीपीसी कड़ा एक्शन लेने की बात कर रहा है। लेकिन यह बातचीत दिखावे तक ही नजर आ रही है। क्योंकि चंद गाडिय़ों को बैन करने के बाद एनटीपीसी संयंत्र हाथ पर हाथ धरकर बैठ गया है। ऐसे में संदेह की ऊंगली उनकी तरफ भी उठ रही है।
पावर प्लांटों से उत्सर्जित फ्लाई ऐश के निराकरण में गड़बड़ी को रोकने के लिए पर्यावरण विभाग ने एक अलग पोर्टल बनाया गया है। जिसमें सभी कंपनियों, फ्लाई एश परिवहनकर्ता, वाहनों, ड्राइवरों को पंजीयन कराना जरुरी है। सभी गाडिय़ों में जीपीएस अनिवार्य किया गया है। साथ ही पोर्टल के जरिए यह मॉनिटरिंग की जा रही है लेकिन इन सबके बाद भी जिले में ट्रांसपोर्टर फ्लाई ऐश को निर्धारित जगह डंप ना कर इधर—उधर कर रहे हैं। एनटीपीसी लारा से निकलने वाली फ्लाई ऐश राजिम रोड या बाराद्वार के आस पास डंप की जानी है लेकिन ट्रांसपोर्टिंग की इस शर्त का उल्लंघन कर ट्रांसपोर्टर रायगढ़ के आस पास खेतों व एनएच से लेकर स्टेट हाईवे के किनारे डंप कर रहे थे। जीपीएस सिस्टम को चकमा देने की लंबे समय से शिकायत मिलने के बाद कंपनी के अफसरों ने यह अंधेरगर्दी करने वाली 14 गाडिय़ां पकड ली और इन्हें अगले आदेश तक ट्रांसपोर्टिंंग से बैन भी कर दिया और अब इन्हें ब्लेक लिस्टेड करने की तैयारी है। सोमवार की देर शाम तक चली एनटीपीसी के अफसरों की बैठक में इस विषय पर चर्चा भी हो गई।
इन ट्रांसपोर्टर्स पर गिरी गाज
कंपनी ने जिन 14 गाडिय़ों को बैन किया है। उसमें श्री श्याम ट्रांसपोर्ट के अलावा अमन ट्रांसपोर्ट और मां नाथलदाई ट्रांसपोर्ट शामिल है। बताया जाता है कि पकड़ी गई 14 में से 9 गाडिय़ां अकेले श्री श्याम ट्रांसपोर्ट के करन अग्रवाल की थी। जो कि जीपीएस को चकमा देकर निर्धारित जगह फ्लाईऐश डंप करने की जगह इधर उधर डाल रही थी। जीपीएस सिस्टम को चकमा देकर जिले का पर्यावरण प्रदूषित करने वाले इन ट्रांसपोर्टर्स के डिजीटल साक्ष्य भी कंपनी को शिकायतकर्ताओं से मिले हैं।
सिंडिकेट चल रहा जिले में
उद्योग नगरी रायगढ़ में जनता को बिमार करने, पर्यावरण को नेस्तनाबूत करने के लिए कुछ लोग सिंडिकेट बनाकर जिले को बर्बाद करने में तुले हैं। अब जिले को कौन बचाएगा? यह तो भगवान ही जाने। जगह-जगह फ्लाईऐश के डंप से खेती-किसानी बर्बाद हो रही है। नाले और नदियों के माध्यम से फ्लाईऐश पानी में मिलकर जीवन नष्ट कर रहा है। हवा के माध्यम से फ्लाईऐश चारों तरफ उडक़र मानव स्वास्थ्य को, बच्चों के जीवन को विभिन्न बिमारियों से ग्रसित कर रहा है। अब भगवान ही मालिक है। कि रायगढ़ को बचाने कौन आएगा? वहीं जाने।
जीपीएस को चकमा देकर कोयले से काली कमाई
एनटीपीसी लारा में फ्लाईएश का टेंडर लेने वाली कंपनी के द्वारा अलग -अलग वेंडरों को फ्लाईएश परिवहन का काम दिया गया है। परिवहन में संलग्न वाहनों में ब्लैकबग का जैमर लगाया गया है लेकिन कुछ वेंडर फ्लाईएश ट्रांसपोर्टिंग में जैमर की सेटिंग कर मालभाड़े में बड़ा खेल कर रहे हैं। बताया जाता है कि जैमर की सेटिंग के बाद फ्लाईएश लोड वाहन चालक के गाडी से जैमर निकालकर उसे दर्ज लोकेशन तक अन्य माध्यमों से पहुंचाया जाता है और फ्लाईएश आपस की तय की गई जगह पर डंप कर कम दूरी का ज्यादा भाडा चार्ज किया जा रहा है। उधर निर्धारित स्थल पर भी वाहन की जैमर लोकेशन , एन्ट्री पर्ची , अनलोड और अन्य कार्रवाई भी सेंटिंग के साथ आनलाईन रिकार्ड में दर्ज हो जाती है जबकि वाहन वहां तक पहुंचता भी नहीं।
निपट सकते हैं एनटीपीसी अधिकारी
रायपुर के नामी पत्रकार ने एक्स पर मीडिया की खबर लगाकर पीएमओ एवं एनटीपीसी के हैंडलर को टैग किया है। उम्मीद है कि केन्द्रीय टीम जल्द ही छापा मार सकती है। और एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्यवाही भी हो सकती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
हमारी टीम जांच में लगी है, हमने गाडिय़ों का जीपीएस ट्रैक किया है। सोनूराम नामक हमारा स्टाफ डिटेल लेने में लगा हुआ है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारी, एनटीपीसी लारा





