Homeछत्तीसगढ़किसान और प्रभावितों के अधिकार के लिए छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति में...

किसान और प्रभावितों के अधिकार के लिए छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति में संशोधन जरूरी : दीपक मंडल… प्रदेश भर में आंदोलन के लिए पीसीसी चीफ को सौंपा आवेदन पत्र….

क्रांतिकारी न्यूज़

राज्य सरकार ने जमीन के गाइडलाइन दरों में हाल ही में बदलाव किया है लेकिन इसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के कोयला खदान और उद्योगों से प्रभावित होने वाले किसानों को होने की संभावना बहुत कम है क्योंकि छत्तीसगढ़ में लागू आदर्श पुनर्वास नीति मैं लगभग 14 वर्ष से कोई संशोधन नहीं हुआ है। लगभग 14 वर्ष पहले संशोधित आदर्श पुनर्वास नीति का हवाला देकर शासकीय व निजी कंपनियां छत्तीसगढ़ के किसानों के हक और अधिकार पर डाका डालने का काम कर रही है। कांग्रेस नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता दीपक मंडल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को इस मामले को गंभीरता से लेने तथा जनहित में पूरे प्रदेश भर में किसान आंदोलन चलाने हेतु आवेदन पत्र दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को सौंपे गए पत्र में दीपक मंडल ने लिखा है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद प्रदेश के विकास और उद्योग की स्थापना तथा उनसे प्रभावित होने वाले किसानों तथा अन्य जनमानस के हित में छत्तीसगढ़ पुनर्वास नीति 2007 लागू किया गया। 19 मार्च 2010 को छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति में यथासंशोधन किया गया है l


यह पुनर्वास नीति छत्तीसगढ़ के आदिवासी किसान और उद्योगों से प्रभावित होने वाले नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है l लेकिन आज के वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ का यह आदर्श पुनर्वास नीति छत्तीसगढ़ के आदिवासी किसान और औद्योगिकरण से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत और जन विरोधी निति बन गई है l विगत 14 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सरकार बदली, उद्योग नीति ,व्यापार नीति कई बार बदले गये। मगर किसानों के अधिकार के लिए पुनर्वास नीति में कोई बदलाव या संशोधन अब तक नहीं किया गया है। इस नीति में 14 वर्षों से किसी प्रकार का बदलाव या संशोधन नहीं होने से छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित या संचालित विभिन्न कोयला खदान निजी व अर्धशासकीय उद्योगों से प्रभावित होने वाले लाखों किसानों को आर्थिक सामाजिक और रोजगार संबंधित नुकसान उठाना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में लागू पुनर्वास नीति के संशोधन का मामला आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखने योग्य है। तथा पूरे प्रदेश में कांग्रेस के द्वारा जन आंदोलन चलाए जाने वाला सबसे बड़ा जनहित और छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों से जुड़ा मुद्दा है। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा प्रदेशव्यापी किसान आंदोलन आयोजित करने से छत्तीसगढ़ के लाखों किसान और आम नागरिक कांग्रेस पार्टी के इस अभियान से जुड़ जायेंगे। छत्तीसगढ़ में सन 2015 से अब तक लगभग 30 कोयला खदानों को निजी एवं सरकारी संस्थानों को आबंटित किया गया है, इसके अलावा सैकड़ों निजी व लघु उद्योग भी स्थापित हो रहे हैं। जिससे छत्तीसगढ़ के हजारों किसानों के लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाना है । इसके अलावा हजारों हेक्टेयर वन भूमि व राजस्व भूमि प्रभावित होगा, यथासंसोधित 2010 छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास निति लागु होने के कारण छत्तीसगढ़ के प्रभावित किसान तथा निजी जमीन मालिकों को उचित मुआवजा, रोजगार व पुनर्वास निति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित शासकीय/निजी परियोजनाएं रेलवे लाइन विस्तार, भारत माला परियोजना, लघु उद्योगों की स्थापना करने में हजारों किसानों और आदिवासी वर्ग की लाखों हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण किया जाना है। जिन्हें छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति के तहत अधिकतम पड़त भूमि का 6 लाख प्रति एकड़, एक फसली भूमि प्रति एकड़ 8 लाख और दो फसली भूमि प्रति एकड़ 10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाता है। जो बहुत ही कम है या बाजार मूल्‍य की दर से मुआवजा निर्धारित किया जाता है, जो कि आदिवासी क्षेत्रों में बाजार मूल्‍य बहुत कम होने के कारण कृषि भूमि या निजी भूमि का उचित मुआवजा किसान या आदिवासी वर्ग को नहीं मिल पा रहा है। 2007 और 2010 के संशोधित पुनर्वास नीति में प्राकृतिक जल स्रोत और जंगलों के संरक्षण के लिए कोई प्रावधान नहीं है जिससे छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक नदी नाला एवं अन्य जल स्रोतों तथा जंगल को भारी क्षति पहुंच रही है। इसलिए छत्तीसगढ़ के कई जिले प्रदूषण से प्रभावित हैं छत्तीसगढ़ के आदर्श पुनर्वास नीति में पर्यावरण प्राकृतिक जल स्रोत और जंगलों के सुरक्षा के प्रावधान बनाया जाना अति आवश्यक है जिससे छत्तीसगढ़ का मूल प्राकृतिक सौंदर्य बना रहेगा। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस विषय को संज्ञान में लेकर छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के हक और अधिकार के लिए 14 वर्ष पुराने आदर्श पुनर्वास नीति में संशोधन करने की मांग विधानसभा के पटल पर रखने की कार्यवाही करने तथा कांग्रेस पार्टी द्वारा बृहद किसान आंदोलन चलाने हेतु विचार कर आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें। इसके साथ सामाजिक कार्यकर्ता दीपक मंडल ने कई दस्तावेज भी सौंप हैं जिसमें नवनिर्माण संकल्प समिति रायगढ़ छत्तीसगढ़ के द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार को 9 सूत्रीय मांग के साथ प्रदेश में लागू पुनर्वास नीति में संशोधन करने हेतु दिया गया मांग पत्र की छायाप्रति। छत्तीसगढ़ राजपत्र क्रमांक 59 रायपुर शुक्रवार दिनांक 23 फरवरी 2007 छत्तीसगढ़ राजपत्र का (असाधारण) प्राधिकार से प्रकाशित क्रमांक 69 अ रायपुर शुक्रवार दिनांक 19 मार्च 2010 क्रमांक एफ 7-97 पुनर्वास नीति/ 2007- आदर्श पुनर्वास नीति 07 (यथासंशोधित) पत्र की छायाप्रति शामिल है।

रामचंद्र शर्मा ने उठाया था मामला


नवनिर्माण संकल्प समिति के अध्यक्ष रायगढ़ के प्रसिद्ध शिक्षाविद रामचंद्र शर्मा ने प्रदेश के किसानों के हक और अधिकार के लिए छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति में संशोधन की मांग को लेकर दिनांक 24/06/2025 को रायगढ़ जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर 9 सूत्रीय मांग के साथ 19 मार्च 2010 में संशोधित हुए छत्तीसगढ़ आधार व पुनर्वास नीति में किसानों के हित में बदलाव करने की मांग रखी थी जिसमें पूरे प्रदेश में किसी भी उद्योग या कोयला खदान के लिए एक समान दर से मुआवजा निर्धारण करने की मांग रखी थी जिसके तहत परत भूमि प्रति एकड़ 6 लाख के स्थान पर 40 लाख रुपए, असिंचित भूमि 8 लाख की स्थान पर 50 लाख रुपए, सिंचित दो फसली भूमि के 10 लाख के स्थान पर 60 लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा निर्धारण करने की मांग के साथ अन्य और आठ मांगे शामिल हैं। इस ज्ञापन के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे प्रदेश में नई गाइडलाइन जारी तो की है मगर छत्तीसगढ़ आदर्श पुनर्वास नीति में अब तक कोई बदलाव नहीं किया है जिससे किसानों के हक और अधिकार, कोयला खदानों में प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और रोजगार को लेकर आज भी प्रदेश भर में भ्रम की स्थिति है।

Mentor Ramchandra (Youtube)

Mentor Ramchandra (Youtube)

spot_imgspot_img

Must Read