
नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया के नेतृत्व में सफाई व्यवस्था और निर्माण कार्य के लिए निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़। नगर निगम में नई सरकार के गठन के बाद शुरुआत दौर को छोड़ दें, तो कांग्रेस पार्षदों की गतिविधियों में शून्यता आ गई थी। इससे शहर में चर्चा व्याप्त थी कि कांग्रेस निगम में विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल साबित हो रही है। अब कांग्रेस पार्षदों ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया के नेतृत्व में कांग्रेस के पार्षदों ने निगम आयुक्त से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें बारिश व डेंगू बीमारी से निपटने सफाई व्यवस्था के साथ वार्डों में निर्माण कार्य के मुद्दे भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। अपने वार्डों की उपेक्षा से क्षुब्ध कांग्रेस पार्षदों ने निगम आयुक्त से मांग की कि बिना भेदभाव के शहर के सभी वार्डों में कार्य हों। विशेषकर जोनल कार्य में 10 लाख के टेंडर में 6 लाख पार्षद निधि एवं 4 लाख नगर पालिका निगम के मरम्मत संधारण की निधि से कार्य कराने की मांग की गी।
निगम के नेता प्रतिपक्ष शेख सलीम नियरिया के नेतृत्व में आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय को शहर के नालों की सफाई एवं निर्माण कार्यों की लापरवाही के साथ डेंगू जैसे मामलों को निपटने में बरती जा रही उदासीनता को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि निगम द्वारा बरसात पूर्व बड़े नालों की सफाई के लिए मई के प्रथम सप्ताह में रोस्टर जारी किया गया था जिसमें पोकलेन के माध्यम से शहर के किनारे बड़े नालों की सफाई करवाया जाना था। जिसमें रोस्टर के अनुसार प्रभारी और सह प्रभारी की टीम बनाकर अपने कार्यों के साथ साथ बड़े नालों की सफाई कार्य करवाने के आदेश जारी किए गए। जिसमें अभी भी नालों की सफाई नहीं हो सकी हैं 10 जून से मानसून आने की संभावना थी परन्तु मानसून ने मई माह के अंतिम सप्ताह में ही दस्तक दे दी है। शहर मध्य क्षेत्रों में 15 से 20 ऐसे बड़े नाले है जिसमें समय पूर्व सफाई नहीं किया गया तो मोहल्लों में जल भराव की स्थिति निर्मित हो जाएगी। वर्तमान में देखा गया है कि निगम में जो वार्ड हैं उनमें 6-6 कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं और उन्हीं कर्मचारियों से गैंग बनाकर नालों की सफाई भी कराई जा रही है, उसमें भी कई कर्मचारी अनुपस्थित रहते है जिसके कारण वार्डों की सफाई व्यवस्था चरमरा जाती है। पूर्व में निगम द्वारा शहरी क्षेत्रों के नालों की सफाई ठेका पद्धति के माध्यम से किया जाता था। वर्तमान में स्वच्छता कमांडो को किस कार्य पर लगाया गया है उसकी जानकारी भी अप्राप्त है क्योंकि शहर के किसी भी नालों की सफाई नहीं हुई है शहर के मध्य क्षेत्र में यदि जल भराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसका जवाबदार कौन होगा?
पहले से चकाचक सड़क पर दोबारा डामरीकरण
जो सडक़ें पूर्व में बन चुकी हैं, जिन्हें वर्तमान में मरम्मत के नाम पर उन्हीं सडक़ों के ऊपर डामरीकरण करके जनता को गुमराह और शासन के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। उदाहरण के लिए चक्रधर नगर सरला विला के सामने से एचपी गैस तक की सडक़ें चकाचक थी जिसपर अभी फिर से डामरीकरण किया जा रहा है और कई सडक़ें ऐसी जर्जर हैं जिनपर कार्य नहीं किया जा रहा है। जब जिम्मेदार जनप्रतिनिधि शहर की सडक़ों की मरम्मत एवं अन्य निर्माण कार्य के लिए अनुरोध करते हैं तो अधिकारी द्वारा उस मद में राशि नहीं होने की बात कह कर गुमराह किया जा रहा है। जबकि कार्यपालन अधिकारी का कर्तव्य होता है कि नई सडक़ों के साथ साथ उन सडक़ों का भी मरम्मत हो जाए जो चलने लायक नहीं है जबकि आयुक्त को बिना किसी सक्षम स्वीकृति के 50 लाख तक कार्य करवाने का सक्षम अधिकार प्राप्त है। इन कार्यों को मरम्मत संधारण के मद से भी किया जा सकता है।
अभी भी शहर के 40 फीसदी सडक़ों का डामरीकरण नहीं
अभी शहर के लगभग 40 प्रतिशत सडक़ों का डामरीकरण कार्य नहीं किया गया है। जबकि निगम चुनाव के वक्त सडक़ों को जाम कर शहर की आम जनता को परेशान करते हुए और यातायात बाधित कर सडक़ों का निर्माण किया जा रहा था। चुनाव के बाद कार्य की गति धीमी हो गई और आयुक्त द्वारा जानबूझ कर बारिश का बहाना बनाया जा रहा है। जोनल कार्य में 10 लाख के टेंडर में 6 लाख पार्षद निधि एवं 4 लाख नगर पालिका निगम के मरम्मत संधारण की निधि से कार्य सुनिश्चित करने पर भी मांग की गई है। ज्ञापन देते समय विपक्षी दल के सभी पार्षदगण उप नेता प्रतिपक्ष विकास ठेठवार, प्रदीप विजय चंद्र टोप्पो, अमृत काटजू, अनुपमा शाखा यादव, धनेश्वरी द्वितीया, रेखा देवी, अक्षय कुलदीप, पूर्व एल्डरमैन वसीम खान उपस्थित थे।
समय से पहले चिन्हित क्षेत्रों में दवा छिडक़ाव की मांग
नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने डेंगू को लेकर भी आयुक्त श्री क्षत्रिय से चर्चा की। समय से पहले डेंगू के चिन्हित क्षेत्रों में दवा एवं छिडक़ाव अभी से शुरू करने के लिए ध्यानाकर्षण किया । जनता में डेंगू को लेकर जागरूकता फैलाने 48 वार्डों में नियमित रूप से फागिंग ओर दवा छिडक़ाव किए जाने पर चर्चा हुई। इसी कड़ी में शहर के गड्ढों भरी सडकों के बीटी पेचवर्क के लिए भी बात की गई। निगम क्षेत्र की कई सडक़ों का कायाकल्प किया गया है और वर्तमान में भी किया जा रहा है लेकिन शहर के बीच एवं आसपास कई ऐसी सडक़े हैं जो वर्तमान में जर्जर हो चुकी है जिसकी स्वीकृति हेतु राज्य शासन को पत्र भी भेजा गया है लेकिन अब तक इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है ऐसा लगता है कि इसकी स्वीकृति वर्षा ऋतु के बाद ही प्राप्त होगी। इस स्थिति में जिन सडक़ों पर छोटे बड़े गड्ढे हैं उनका बरसात पूर्व पेंच वर्क करा दिया जाए तो सडक़ पर तालाब पर जैसी स्थिति निर्मित नहीं होगी। पेंच वर्क होने से दुर्घटना एवं जान माल की हानि को रोका जा सकता है।





