
7 दिन बाद एसपी दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देश पर दर्ज हुआ मामला
क्रांतिकारी न्यूज रायगढ़ शहर में चैन स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले में सफलता हासिल नहीं कर पाई है। हाल ही में इतवारी बाजार में हुई एक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गड़उमरिया निवासी ब्राह्मण महिला सविता नंदे की करीब दो तोले की पुश्तैनी सोने की चेन, जिसकी कीमत लगभग दो लाख रुपये बताई जा रही है, 28 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे बाजार से खरीदारी के दौरान चोरी हो गई। वह नवरात्रि पूजा के लिए सामान खरीदने गई थीं, तभी किसी अज्ञात चोर ने मौका पाकर उनकी गर्दन से चेन पार कर दी।घर पहुंचने पर जब सविता ने देखा कि उनकी चेन गायब है, तो उन्होंने तत्काल परिवार को बताया और फिर सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन मौजूद पुलिसकर्मी ने कहा कि “चेन मिलने पर सूचना देंगे” और रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले की जानकारी नहीं दी गई।
पुलिस ने 7 दिन बाद दर्ज की रिपोर्ट
एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होते देख, सविता नंदे ने एसपी दिव्यांग पटेल से न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद 5 अक्टूबर को आखिरकार मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मौके का सीन रीक्रिएट कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से तीन संदिग्ध महिलाएं आईं सामने जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें तीन महिलाएं सविता नंदे के पास खड़ी नजर आईं। पुलिस को संदेह है कि इन्हीं में से किसी ने चोरी को अंजाम दिया होगा। फिलहाल पुलिस संदिग्ध महिलाओं की तलाश में जुटी है।
आर्थिक और भावनात्मक नुकसान
सविता नंदे के पति संतोष नंदे घरों में पूजा-पाठ कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में दो लाख रुपये की चोरी उनके लिए बड़ा आर्थिक झटका है। परिवार का कहना है कि इस नुकसान की भरपाई उनके लिए लगभग असंभव है।
पुलिस की लापरवाही पर सवाल
इस घटना ने रायगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में चोरी और चैन स्नैचिंग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस तब तक सक्रिय नहीं होती जब तक आरोपी पकड़ में न आ जाए या चोरी गया सामान मिल न जाए।लोगों की मांग है कि पुलिस ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि आम लोगों में सुरक्षा की भावना बने।





