
कांग्रेस नेताओं ने एडिशनल एसपी को सौंपा ज्ञापन, खरीदी केंद्र के कर्मचारी पर दुव्र्यवहार का आरोप
क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल शुक्ला अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाकर उनकी अनुपस्थिति में एडिशनल एसपी मरकाम से मिले और उन्हें भाजपा संरक्षित लोगों द्वारा दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा।
एडिशनल एसपी को सौंपे पत्र में अनिल शुक्ला ने बताया कि रायगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक प्रकाश नायक अपने कार्यकर्ताओं के साथ जांच के लिए धान खरीदी केन्द्र गए थे। वहां के कर्मचारियों द्वारा किसान से कपट पूर्वक धान तौलने में अनियमितता पाई गई। स्थानीय किसानों ने इसका विरोध भी किया। प्रकाश नायक ने गड़बड़ी को रोकने कहा, जिस पर कर्मचारी पूर्व विधायक से ही बहस करने लगे। विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के बाद कर्मचारियों द्वारा पूर्व विधायक प्रकाश नायक के विरूद्ध झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस द्वारा बिना जांच के उनके विरूद्ध एफआईआर कर दी गई है। चूंकि, वे एक सम्माननीय विधायक रहे हैं। कम से कम पुलिस को जांच के बाद एफआईआर दर्ज करना था। इस घटना से ये प्रतीत होता है कि पुलिस द्वारा राजनीतिक दबाव में बिना जांच के एफआईआर की गई है जो विधि विरुद्ध है। अनिल शुक्ला ने एएसपी से मांग की कि वे भाजपा के दबाव में आकर कोई कार्यवाही न करें । इन दिनों पूरे प्रदेश में किसानों को न्याय मिल सके, इसलिए कांग्रेस के जनप्रतिनिधि व कांग्रेसजन धान खरीदी केंद्रों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। ऐसे में गलत कार्य में संलिप्त कर्मचारी क्षमा याचना की जगह अपनी गलती से बचने गलत तरीके से कानून की शरण में जाएं और उस पर उन्हें राजनैतिक संरक्षण भी मिल जाये तब गरीब किसानों को न्याय नहीं मिल पायेगा और वह शोषण का शिकार होते रहेंगे, लिहाजा पूर्व विधायक प्रकाश नायक के विरुद्ध दर्ज झूठी रिपोर्ट निरस्त की जाए।
कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला, महापौर जानकी अमृत काटजू, रामलाल पटेल, नारायण घोरे, शाखा यादव, विकास ठेठवार, राकेश पांडेय, सूरज उपाध्यक्ष, लल्लू सिंघ, कामता पटेल, किरण पंडा, आशीष शर्मा, आरिफ हुसैन, सत्यप्रकाश शर्मा, अनुराग गुप्ता, दलबीर सिंह, सोनू पुरोहित, सोहन बेहरा,अभिजीत श्रीवास शामिल थे।





