
अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर फेडरेशन के बैनर तले निकाली रैली
क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़। ‘मोदी की गारंटी’ पर अमल को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला रायगढ़ ने बरसते पानी में सैकड़ों कर्मचारियों अधिकारियों के साथ सडक़ पर उतरकर रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व मुख्य सचिव के नाम कलेक्टोरेट रायगढ़ में ज्ञापन सौंपा।
मोदी की गारंटी को लागू करने अपने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के द्वितीय चरण में 22 अगस्त को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संगठनों के प्रतिनिधि संगठन छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला रायगढ़ ने जिले के विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों अधिकारियों के साथ रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।
फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों में प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत दिया जाए, मोदी की गारंटी के अनुसार वर्ष 2019 से लंबित एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए,प्रदेश के लिपिक, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग महिला बाल विकास विभाग, सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए,प्रदेश भर के चार स्तरीय पदोन्नति समयमान वेतनमान क्रमश: 8 वर्ष 16 वर्ष 24 वर्ष एवं 32 वर्ष में दिया जाए, सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समय मान वेतनमान दिया जाए, तथा नगरी निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति किया जाए, प्रदेश के अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति कर्मचारी के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए,प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति नि:शर्त लागू करते स्थाई आदेश जारी किया जाए, वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए, मध्य प्रदेश की भर्ती छत्तीसगढ़ राज्य में भी शासकीय सेवकों के लिए अर्जित अवकाश नगदी कारण 300 दिवस किया जाए, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेव करना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाए, साथ ही प्रदेश के पंचायत सचिव का शासकीयकरण किया जाए,प्रदेश की विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए, प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित दैनिक वेतन भोगी अनियमित संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्ति शामिल है।





