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रायगढ़ विकास के नाम पर 181 करोड़ के प्रस्ताव में भ्रष्टाचार की बू : नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया

विकासोन्मोखी कार्य अलग अलग मद से प्रस्ताव में शामिल, भरष्टाचार की मंशा

क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़।
शहर विकास के लिए प्रतिबद्ध रायगढ़ विधायक मंत्री ओपी चौधरी कोई भी कार्य छोटा या बड़ा पूरी संजीदगी एवं प्राथमिकता के साथ भ्रष्टाचार मुक्त विकासोन्मुखी कार्य पूर्ण करने विश्वास रखते हैं। दूसरी ओर गत 8 जुलाई को नगरपालिक निगम की साधारण सभा आहूत की गई जिसमें निगम क्षेत्र का विभिन्न आयाम में विकास एवं उन्नयन हेतु प्रस्तावों की घोषणा की गई। जिसमे एक ही कार्य को अलग अलग योजनाओं में अलग अलग धनराशि का प्रावधान प्रस्तावों में उल्लेखित किया गया है। प्रस्तावों का अवलोकन करने मात्र से स्पष्ट है कि विकास के नाम पर भ्रष्टाचार करने की नियत झलक रही है। उपरोक्त आरोप नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया ने लगाते हुए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से इसकी एक लिखित शिकायत भेजी है।

सलीम नियरिया ने शहर सरकार पर आरोप लगाते हुए उल्लेखित किया है कि प्रस्ताव क्रमांक 01, 03, एवं 04 में जिन कार्यों के लिए मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना अन्तर्गत धनराशि की मांग की गई तो दूसरी तरफ उन्ही कार्यों के लिए बड़ी सफाई से कूट रचना करते हुए अधोसंरचना मद से भी मांग की गई है।

रायगढ़ शहर वर्षों से अपने विकास की बाट जोहता रहा है किंतु हर बार छला जाता रहा है। वित्तीय संसाधनों एवं पर्याप्त इच्छा शक्ति के अभाव में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा था ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन के साथ वर्तमान विधायक जो कि प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री भी हैं के द्वारा रायगढ़ की मरणासन्न अवस्था में पहुंच चुकी व्यवस्था को अपनी इच्छा शक्ति और दूरदर्शिता के दम पर विकासोन्मुखी प्रयासों से विकास कार्यों की सौगातों से लाद दिया है किंतु ट्रिपल इंजन की निगम सरकार के द्वारा मंत्री जी के प्रयासों पर पलीता लगाने की मंशा प्रस्ताव क्रमांक 01, 03 एवं 04 में स्पष्ट तौर पर परिलक्षित हो रही है।

सलीम नियरिया नेता प्रतिपक्ष ने निगम की ट्रिपल इंजन की सरकार को घेरते हुए कहा साधारण सम्मेलन में सत्ता पक्ष के द्वारा लगाए गए सवालों को लेकर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा था की विपक्ष द्वारा साधारण सम्मेलन में सत्ता पक्ष के खिलाफ प्रश्नन काल हेतु 20 प्रश्न लगाए गए वही सत्ता पक्ष के द्वारा भी लगभग 20 प्रश्न लगाए गए इसके लिए सत्ता पक्ष को बधाई देते हुए कहा की उससे स्पष्ट है कि सरकार के नुमाइंदे सोए नहीं हैं जगे हैं और जागरूक है इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। किंतु जिस तरह से कुटरचना कर एक ही कार्य को अलग अलग मद से मांग का प्रस्ताव लाया जाना उनकी भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।

इस तरह आंखो में धूल झोंकने का प्रयास /-
नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया ने बताया कि प्रस्ताव क्रमांक 1 के सरल क्रमांक 3 में मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना अन्तर्गत विद्युत तारों को भूमिगत करने हेतु 18 करोड़ 75 लाख जिसमे कहीं उल्लेख नहीं है कहां से कहां या किस क्षेत्र में, इसके बाद प्रस्ताव क्रमांक 03 के सरल क्रमांक 15 में नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत विद्युत तारों को भूमिगत करने हेतु 25 करोड़ अधिसंरचना मद से मांग की गई है जिसमे भी किस क्षेत्र में कहां से कहा तक कोई उल्लेख नहीं है। इसी प्रकार शहर विकास प्लान के प्रस्ताव क्रमांक 04 के सरल क्रमांक 04 एवं 05 में अंडर ग्राउंड केबलिंग के लिए केवड़ाबाड़ी चौक से ढीमरापुर चौक तक के लिए 13 करोड़, अंडर ग्राउंड केबलिंग सत्तीगुडी चौक से कोतरा रोड लागत 15 करोड़ का प्रस्ताव जो कुल राशि 71 करोड़ 75 लाख है। केवड़ाबाडी और सत्तीगुड़ी चौक से होने वाली अंडर ग्राउंड केबलिंग स्पष्ट है। किंतु प्रस्ताव क्रमांक 1 एवं 03 में स्पष्ट नहीं है और अलग अलग मद से मांग की गई है जो संदेह को जन्म देता है। यह पूरी तरह से संदेहास्पद है जिसमे भ्रष्टाचार की बू पहले से आने लगी है।

थोक बाजार विकसित करने के नाम पर डबल क्रॉस/-
प्रस्ताव क्रमांक 01 के सरल क्रमांक 5 में नगर उत्थान योजना अन्तर्गत होलसेल मार्केट निर्माण कार्य के लिए 70 करोड़ की राशि वहीं दूसरी ओर प्रस्ताव क्रमांक 04 के सरल क्रमांक 11 में भी थोक बाजार कोसमनारा में निर्माण के लिए सिटी डेवलपमेंट योजना के अन्तर्गत दुबारा उसी कार्य के लिए मांग की गई है। खास बात ये है की इन सबके लिए विधिवत रूप से किसी भी कार्य का स्टीमेट /डीपीआर नगर पालिक निगम अधिनियम के विधि अनुसार तैयार नहीं किया गया है।

इंटर स्टेट बस टर्मिनल के लिए मांग में भी कूट रचना/-
अंतरराज्जीय बस टर्मिनल के लिए मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के तहत प्रस्ताव क्रमांक 01 के सरल क्रमांक 04 में 39 करोड़ का बजट दूसरी तरफ इसी काम के लिए प्रस्ताव क्रमांक 03 के सरल क्रमांक 01 में नगर निगम रायगढ़ क्षेत्र में आई एस बी टी इंटर स्टेट बस स्टेंड निर्माण के लिए 39 करोड़ की मांग प्रस्ताव लाया जाना शहर की ट्रिपल इंजन की सरकार की भूमिका संदेहास्पद है। इस तरह के कई प्रस्ताव इनके द्वारा लाया गया है जिसमे उन्होंने एक ही कार्य के लिए अलग अलग योजनाओं से दो से तीन बार राशि की मांग की गई है।

Mentor Ramchandra (Youtube)

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