
क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत लगभग 16,000 कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिनमें रायगढ़ जिले के करीब 550 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इस हड़ताल के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। हड़ताल के दूसरे दिन हड़ताली कर्मचारियों ने मंत्रियों के मुखौटे पहनकर सद्बुद्धि यज्ञ किया, तो तीसरे दिन शोषण के खिलाफ संविदा का पुतला दहन कर विरोध जताया।
एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उनकी हड़ताल से अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी सेवाएँ, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु वार्ड, पोषण आहार केंद्र, रूटीन टीकाकरण, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग जैसी बीमारी के मरीजों को दवाइयाँ, शुगर, ब्लड टेस्ट, ट्रूनाट, सीबीनाट, बलगम टेस्ट, नेत्र जाँच, स्कूल और आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण, और स्वास्थ्य विभाग की सभी ऑनलाइन एंट्री कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई है। कई ग्रामीण और शहरी उप स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में तालाबंदी की स्थिति है। हड़ताल के कारण मरीजों को दवाइयाँ नहीं मिल रही हैं, संस्थागत प्रसव प्रभावित हुए हैं, नवजात शिशु वार्ड और पोषण आहार केंद्र बंद हैं, विभिन्न जांच सेवाएँ ठप हैं, और रूटीन टीकाकरण पूरी तरह प्रभावित है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कई स्वास्थ्य केंद्रों में तालाबंदी हो चुकी है।
जिला अध्यक्ष शकुंतला एक्का ने कहा, यदि सरकार ने जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आज आंदोलन स्थल मिनी स्टेडियम में प्रदेश सदस्य डॉक्टर योगेश पटेल, आनंद मिरि, राघवेंद्र बोहिदार, विद्याभूषण जायसवाल, अजय महीलांगे, जन्मजय सिदार, डॉक्टर कामिनी गुप्ता, डॉक्टर दीप्ति गुप्ता, जिलाध्यक्ष सी एच ओ संघ संदीप मिंज, प्रियंका तिर्की भी उपस्थित रहे।
मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान
एनएचएम कर्मचारी संघ की 10 सूत्रीय मांगों में नियमितीकरण/सिविलियन , ग्रेड पे लागू करना, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, 27 प्रतिशत लंबित वेतनवृद्धि का आदेश, मेडिकल अवकाश और अन्य स्वीकृत लाभों का कार्यान्वयन सहित अन्य मांगें शामिल हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी, डॉ. रवि शंकर दीक्षित, और जिलाध्यक्ष पूरन दास ने धरना स्थल पर कहा, कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बावजूद हमारी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्वीकृत आदेशों को लागू नहीं किया गया, जिसके कारण कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। एनएचएम कर्मचारी संघ ने सरकार से तत्काल वार्ता और मांगों को पूरा करने की अपील की है, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा।





