
गेजामुडा में शिक्षक रामचरण पटेल और शिक्षिका उषा श्रीवास को दी गई विदाई, शिक्षा विभाग के अधिकारी और मोटिवेटर रामचंद्र शर्मा हुए कार्यक्रम में शामिल
क्रांतिकारी न्यूज/रायगढ़
बुधवार 16 अप्रैल को संकुल केंद्र काशीचुआ के गेजामुड़ा में शिक्षक विदाई सह सम्मान समरोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर के व्ही राव, संस्कार पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर शिक्षाविद रामचंद्र शर्मा, जिला समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारी भुवनेश्वर पटेल और भूपेंद्र पटेल, बतौर अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए।
शिक्षक विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन गेजामुड़ा की स्कूल प्रांगण में किया गया। इस कार्यक्रम में अपने कार्यकाल को पूरा कर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हो रहे गेजामुडा माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक रामचरण पटेल और काशीचुआ की शिक्षिका उषा श्रीवास को सम्मानित किया गया तथा उन्हें सेवानिवृत होने पर विभाग के द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। शिक्षक रामचरण पटेल और शिक्षिका श्रीमती उषा श्रीवास को जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर के व्ही राव और संस्कार पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर शिक्षाविद रामचंद्र शर्मा, व अन्य अतिथियों के द्वारा साल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संकुल प्राचार्य कृपा मसीह ने की। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक भुवन पटेल संकुल शैक्षणिक समन्वयक ने किया।

सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की शिक्षिकाओं के द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत गा कर की गई। शिक्षकों और अतिथियों के द्वारा माता सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित किया गया। इसके बाद अतिथियों का शिक्षकों ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया कार्यक्रम के समापन में स्कूल के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मोटिवेटर रामचंद्र शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रांगण में शिक्षक जनप्रतिनिधि और छात्र छात्राएं भारी संख्या में मौजूद रहे।
अतिथियों ने शिक्षक और छात्रों को दिया संदेश
जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर के व्ही राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षित व्यक्ति को समाज में एक अलग ही नजरिये से देखा जाता है व सम्मान मिलता है, शिक्षा के बिना जीवन में कुछ भी नहीं है। अशिक्षित व्यक्ति को जानवर जैसा समझा जाता है। पहले के ज़माने में शिक्षकों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, सुविधाओं की कमी होती थीं परन्तु आज विद्यालयों में सभी प्रकार की सुविधा मिल रही है। दोनों सेवानिवृत शिक्षकों के सफल सेवाकाल की सराहना की है। संस्कार पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर मोटिवेशनल स्पीकर रामचंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षकों को बच्चों को उचित व सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करने हेतु तत्पर रहना चाहिए, सभी छात्रों में अलग-अलग गुण होते हैं उनके गुणों का सही आकलन करके उचित मार्गदर्शन देना चाहिए। शिक्षा में विकास निहित है इसलिए सभी को शिक्षा के प्रति विशेष ध्यान देना चाहिए। शिक्षित व्यक्ति बेहतर समाज व राष्ट्र का निर्माण करता है। सेवानिवृत हो रहे प्रधान पाठक रामचरण पटेल और शिक्षिका श्रीमती उषा श्रीवास ने अपना पूरा जीवन शिक्षा विभाग को समर्पित किया है। सेवानिवृत्त प्रधान पाठक रामचरण पटेल ने कहा कि मैं सभी शिक्षकों को संदेश देना चाहता हूं कि वे तन मन सब लगाकर बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बढिय़ा से निभाए बच्चों को अपना समझे ताकि बच्चे हमेशा अपने गुरुजनों को याद करें। सरकारी स्कूल और शिक्षकों के लिए आज का समय चुनौतीपूर्ण है हमें चुनौती को स्वीकार करते हुए आगे बढऩा है। अब जीवन का एक नया दौर शुरू होगा शिक्षा विभाग को जब भी मेरी जरूरत होगी मैं समाज और शिक्षा विभाग के लिए अपना समय जरूर दूंगा।





