
क्रांतिकारी संकेत न्यूज़
गिरफ्तार आरोपी झारखंड, उत्तरप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं, जो अंतरराज्यीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी में संलिप्त थे। सभी आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी झारखंड, उत्तरप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं, जो अंतरराज्यीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी में संलिप्त थे। सभी आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी झारखंड, उत्तरप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं, जो अंतरराज्यीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी में संलिप्त थे। सभी आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी झारखंड, उत्तरप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं, जो अंतरराज्यीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी में संलिप्त थे। सभी आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।





