
रायगढ़ में भी हुआ धरना-प्रदर्शन
क्रांतिकारी संकेत
रायगढ़। संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल के आह्वान पर बुधवार को पूरे देश में 17 सूत्रीय मांगों के समर्थन में लोग सडक़ों पर उतरे। धरना प्रदर्शन और हड़ताल की। रायगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा। ट्रेड यूनियन काउंसिल के आह्वान पर बिरादराना संगठन के सदस्यों ने स्थानीय जीवन बीमा निगम कार्यालय सक्ति गुड़ी चौक पर धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों का जमकर विरोध किया।
ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह सचिव श्याम जायसवाल ने बताया कि धरना प्रदर्शन के दौरान श्रम संहिता वापस लेने, निजीकरण की नीति नहीं चलेगी, सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा करो, न्यूनतम वेतन और रोजगार सुरक्षा दो, ठेका पद्धति समाप्त करो, सार्वजनिक सेवाओं संसाधनों की रक्षा करो, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करो, वित्तीय बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी विशेष मांगों को पूरी करो, मजदूरों के मूल अधिकार की रक्षा करो, महंगाई पर नियंत्रण करो, आर्थिक न्याय स्थापित करो, जीवन रक्षक दवाओं की मूल्यों को नियंत्रित करो जैसे नारे लगाए गए। छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य एवं मुंडागांव जंगल बचाने के समर्थन में भी नारे लगाए गए।
सभा को ट्रेड यूनियन काउंसिल के अध्यक्ष कामरेड गणेश कछवाहा, उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह सचिव श्याम जायसवाल के अलावा दवा प्रतिनिधि संघ के कामरेड शशि भूषण सिंह, कामरेड सोनू कुमार, जीवन बीमा निगम बिलासपुर डिवीजन के कामरेड प्रवीण तंबोली, किसान सभा के कामरेड लंबोदर साव, , मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव कामरेड समय लाल,कामरेड शहाबुद्दीन, छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्श एसोसिएशन के साथी रवि गुप्ता साथी विनय मोहन ठेठवार, बैंकर्स क्लब रिटायर्ड के कामरेड प्रमोद सराफ संयुक्त किसान मोर्चा के कामरेड मदन पटेल जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के साथी गणेश मिश्रा ने संबोधित किया और अपनी बातों को रखा। सभा में सबने यह माना कि वर्तमान सरकार जनता के हित में नहीं है। सरकार कारपोरेट जगत के प्रभाव में काम कर रही है। सभी ने समवेत स्वर से केंद्र सरकार से अपनी नीतियों को बदलने तथा संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल के 17 सूत्रीय मांगों को स्वीकार करने की बात कही। सभा का संचालन ट्रेड यूनियन काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह ने किया। सभा मे शामिल लोगों का आभार सचिव श्याम जायसवाल ने व्यक्त किया।





