रायगढ़। जिले के तमनार ब्लॉक में एसईसीएल (SECL) की प्रस्तावित ‘पेलमा ओपनकास्ट कोल खदान’ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए कल यानी 19 मई 2026 (मंगलवार) को होने वाली महत्वपूर्ण जनसुनवाई को अंतिम समय में आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, नवा रायपुर ने सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी कर दी है।
कलेक्टर के पत्र के बाद लिया गया फैसला
पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक, यह स्थगन रायगढ़ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के अनुरोध पर किया गया है। 18 मई 2026 को अपर कलेक्टर, रायगढ़ की ओर से जारी पत्र (क्रमांक 391/ज.सु./पर्यावरण/अप.कले./2026) के बाद बोर्ड ने तुरंत संज्ञान लेते हुए 19 मई को प्रस्तावित इस लोक सुनवाई को टालने का निर्णय लिया।
इन 9 गांवों पर पड़ना है सीधा असर
गौरतलब है कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा तमनार तहसील के अंतर्गत आने वाले 9 गांवों— पेलमा, उरबा, माड़ूआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरहीडीह, साकता, मिलूपारा और खर्रा में यह खदान प्रस्तावित है।
प्रोजेक्ट की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है:
कुल रकबा (ML Area): 2077.934 हेक्टेयर
उत्पादन क्षमता: 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (15 MTPA)
ग्राम पेलमा में होनी थी सुनवाई
भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के तहत, इस विशाल खदान प्रोजेक्ट के लिए प्रभावित ग्रामीणों और सर्वसंबंधित पक्षों की राय जानने हेतु 19 मई को सुबह 11:00 बजे से ग्राम पेलमा (पोस्ट उरबा) के अटल चौक के समीप जनसुनवाई का स्थान तय किया गया था। प्रशासनिक और कंपनी स्तर पर इसकी पूरी तैयारियां भी कर ली गई थीं।
आगे क्या?
सुनवाई से ठीक एक दिन पहले आए इस स्थगन आदेश ने क्षेत्र में एक नई चर्चा छेड़ दी है। जनसुनवाई की अगली तारीख क्या होगी, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। पर्यावरण मंडल के आदेश में साफ लिखा है कि सुनवाई “आगामी आदेश पर्यन्त तक स्थगित” रहेगी। यानी जब तक प्रशासन की ओर से नई तिथि का निर्धारण कर उसे सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक यह प्रक्रिया रुकी रहेगी।