प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के समक्ष मांग रखी कि परियोजना में प्रभावित होने वाले भूमिहीन मजदूरों, छोटे भू-खंड वाले किसानों एवं आदिवासी परिवारों को स्थायी रोजगार, उचित पुनर्वास एवं आजीविका सुरक्षा की गारंटी दी जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जल-जंगल-जमीन पर निर्भर ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुलाकात के दौरान रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने परियोजना में प्रभावित होने वाले भूमिहीन एवं छोटे भू-खंड धारक किसानों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के विषय पर सकारात्मक पहल करने की बात कही।
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव किसानों, मजदूरों, आदिवासियों एवं गरीब वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी प्रभावित ग्रामीणों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रभावित परिवारों के हितों की अनदेखी की गई, तो पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के समक्ष मांग रखी कि परियोजना में प्रभावित होने वाले भूमिहीन मजदूरों, छोटे भू-खंड वाले किसानों एवं आदिवासी परिवारों को स्थायी रोजगार, उचित पुनर्वास एवं आजीविका सुरक्षा की गारंटी दी जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जल-जंगल-जमीन पर निर्भर ग्रामीणों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुलाकात के दौरान रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने परियोजना में प्रभावित होने वाले भूमिहीन एवं छोटे भू-खंड धारक किसानों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के विषय पर सकारात्मक पहल करने की बात कही।
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव किसानों, मजदूरों, आदिवासियों एवं गरीब वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी प्रभावित ग्रामीणों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रभावित परिवारों के हितों की अनदेखी की गई, तो पार्टी सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी।