रामचंद्र शर्मा की अपील
शिक्षाविद एवं समाजसेवी रामचंद्र शर्मा ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, करुणा और मानवता का संदेश देने वाला पावन पर्व है। इस पवित्र अवसर पर यदि हम किसी जरूरतमंद की सेवा करने के साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेते हैं, तो इससे बड़ी सामाजिक सेवा और क्या हो सकती है।
उन्होंने कहा कि “जन्माष्टमी पर एक कप चाय की सेवा के साथ यदि हम पर्यावरण संरक्षण के लिए एक हस्ताक्षर करते हैं, तो यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा। आइए, भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था के साथ प्रकृति के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं और इस अभियान का हिस्सा बनें।”
रामचंद्र शर्मा ने सभी सामाजिक संगठनों, दानदाताओं, युवाओं, खिलाड़ियों, श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से अपील की कि वे नि:शुल्क चाय सेवा का लाभ लेने के साथ पर्यावरण संरक्षण के हस्ताक्षर अभियान में सहभागी बनें और अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ें।
नवनिर्माण संकल्प समिति का यह प्रयास जन्माष्टमी की धार्मिक भावना को सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए रायगढ़ में “सेवा भी, संस्कार भी और पर्यावरण संरक्षण भी” का सकारात्मक संदेश देने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।
रामचंद्र शर्मा की अपील
शिक्षाविद एवं समाजसेवी रामचंद्र शर्मा ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, करुणा और मानवता का संदेश देने वाला पावन पर्व है। इस पवित्र अवसर पर यदि हम किसी जरूरतमंद की सेवा करने के साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेते हैं, तो इससे बड़ी सामाजिक सेवा और क्या हो सकती है।
उन्होंने कहा कि “जन्माष्टमी पर एक कप चाय की सेवा के साथ यदि हम पर्यावरण संरक्षण के लिए एक हस्ताक्षर करते हैं, तो यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा। आइए, भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था के साथ प्रकृति के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं और इस अभियान का हिस्सा बनें।”
रामचंद्र शर्मा ने सभी सामाजिक संगठनों, दानदाताओं, युवाओं, खिलाड़ियों, श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से अपील की कि वे नि:शुल्क चाय सेवा का लाभ लेने के साथ पर्यावरण संरक्षण के हस्ताक्षर अभियान में सहभागी बनें और अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ें।
नवनिर्माण संकल्प समिति का यह प्रयास जन्माष्टमी की धार्मिक भावना को सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए रायगढ़ में “सेवा भी, संस्कार भी और पर्यावरण संरक्षण भी” का सकारात्मक संदेश देने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।