भारतीय सेना (Indian Army) ने पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) का बदला ले लिया है। सेना के जवानों ने पहलगाम हमले के गुनाहगारों में शामिल लश्कर कमांडर हाशिम मूसा को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के खानसाहिब के पालमेदन मुगपथरी जंगल में मुठभेड़ में जवानों ने लश्कर कमांडर हाशिम मूसा को ढेर कर दिया। तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। फिलहाल सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है।
मूसा के मारे जाने की पुष्टि श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने की। उन्होंने कहा कि पलमैदान इलाके में सुबह की तलाशी के दौरान, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। इंडियन आर्मी ने इस एनकाउंटर को ऑपरेशन कोराग नाम दिया। सेना ने X पर बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने यूसमर्ग के कोराग इलाके में जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। एक आतंकी मारा गया। श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने लश्कर कमांडर हाशिम मूसा के मारे जाने की पुष्टि की। चिनार कोर के मुताबिक, बुधवार सुबह पालमेदान इलाके में तलाशी के दौरान पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव युद्ध जैसी सामग्री के साथ बरामद हुआ। पहलगाम आतंकी हमले में आया था नाम, 20 लाख का इनामी हाशिम मूसा का नाम 2025 के पहलगाम हमले में शामिल मुख्य संदिग्धों में से एक के तौर पर सामने आया था, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। इस आतंकी हमले के बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिकों और लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादियों आदिल हुसैन ठोकर, अली भाई और हाशिम मूसा की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, हाशिम मूसा पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप में पैरा-कमांडो के तौर पर काम कर चुका था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ 1,597 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके दूसरे नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को भी आरोपी बनाया गया था। खूंखार आतंकी था मूसा, 2022 में की थी घुसपैठ सूत्रों के अनुसार, मूसा वर्ष 2022 में घुसपैठ के जरिए कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह इलाके में अपना नेटवर्क सक्रिय करने में जुटा था। उसके पीर पंजाल के दोनों ओर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती करने में भूमिका की जानकारी भी सामने आई थी। लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने से पहले उसके पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में कमांडो के तौर पर काम करने की बात भी सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने कही है।