नई दिल्ली ।: वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद सोमवार 2 नवंबर, 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई “अनुशासन के उल्लंघन” को लेकर की गई है.
अधिवक्ता ललित बंसल से जुड़े एक हमले के मामले को संभालने को लेकर शहर के वकीलों द्वारा बुलाई गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद गांधी नगर के एसडीपीओ (SDPO) के रूप में कार्यरत ACP मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा पुलिस स्टेशन के एसएचओ (SHO) अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया था.
इसके बाद, सोमवार सुबह करीब 8 बजे लगभग 100 पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर 1 के बाहर एकत्र हुए और पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से मुलाकात करने तथा दोनों अधिकारियों को बहाल करने की मांग की.
लगभग तीन घंटे के बाद, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनीं. पुलिसकर्मियों ने आयुक्त के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें वकीलों से जुड़े टकरावों से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करना, पुलिस स्टेशन में एक समय में प्रवेश करने वाले वकीलों की संख्या पांच तक सीमित करना और पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार में शामिल वकीलों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करना शामिल है.
इसके अलावा, पुलिसकर्मियों ने वकीलों के खिलाफ शिकायतों के निपटारे के लिए पुलिस मुख्यालय में एक समर्पित सेल बनाने, बार काउंसिल लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने और अदालतों में हिंसा तथा दुर्व्यवहार की घटनाओं से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग भी की.
प्रदर्शन के दौरान ACP वशिष्ठ ने कहा था कि उन्होंने अपनी मांगें आयुक्त के समक्ष रख दी हैं और उन पर चर्चा की जा रही है.
यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई उस झड़प के बाद शुरू हुआ था, जिसमें एक वकील के सिर में चोट लग गई थी. जिला अदालत के वकीलों ने आरोप लगाया था कि दोनों अधिकारियों ने पुलिस स्टेशन गए वकीलों को धमकाया था. वकीलों ने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी, जिसे तबादले के आदेश जारी होने के बाद वापस ले लिया गया था.