मिडटर्म चुनाव में करारी हार के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने भारत पर फिर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को यह कार्रवाई करते हुए चेतावनी दी कि ईरान की सरकार का समर्थन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. कार्रवाई में चंडीगढ़ के एक कारोबारी, उनकी पत्नी और दो अन्य भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.
अमेरिका ने भारत स्थित एक दंपत्ति और उनसे जुड़ी कंपनियों पर बैन लगाने का ऐलान किया है. उन पर ईरान की मदद करने का आरोप लगा है.
अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचाने में कथित मदद करने के आरोप में भारतीय कारोबारी सुनील कुमार शर्मा, उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद और कई भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. उन पर एक ऐसा नेटवर्क चलाने का आरोप है जो ईरानी पेट्रोलियम ले जाने वाले जहाजों को फर्जी पंजीकरण और प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराता था. अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में कथित तौर पर मदद करने के आरोप में यह कार्रवाई की.
अमेरिकी प्रशासन ने डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार के अभियान ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत यह कार्रवाई की है। इसका मकसद ईरान की तेल बिक्री और अन्य आर्थिक गतिविधियों से होने वाली कमाई रोकना है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्काट बेसेंट ने कहा कि ईरानी सरकार का समर्थन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जमीन, समुद्र या हवाई मार्ग से ईरान की मदद करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी.
अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने बुधवार को इस कार्रवाई का ऐलान किया. भारत से जुड़े कुल नौ संस्थानों को प्रतिबंधित किया गया है. वहीं, तुर्किये की एक कंपनी पर भी कार्रवाई हुई है. उस पर ईरान की छह प्रतिबंधित एयरलाइंस को जमीन पर जरूरी सेवाएं देने का आरोप है.