लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक द्वारा स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक के डेजर्ट फ्लावर स्कूल (Desert Flower School) को नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने आवश्यक मंजूरी के बिना संचालित करने का आरोप लगाते हुए कक्षाएं और अन्य गतिविधियां रोकने का नोटिस जारी किया है। डेजर्ट फ्लावर स्कूल को नोटिस जारी करने का सोनम वांगचुक ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने लंबित जमीन और मंजूरी के मुद्दों के लिए प्रशासनिक अड़चनों को जिम्मेदार ठहराया और स्वतंत्र निरीक्षण का प्रस्ताव रखा।
वहीं सोनम वांगचुक के स्कूल विवाद में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी भी कूद पड़ी है। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक के स्कूल से प्रेरणा लेकर देशभर में ऐसे और स्कूल बनाने की दिशा में काम करना चाहिए था। जबकि सरकार शिक्षा के बजाय बदले की भावना और बदलाव लाने वालों को निशाना बनाने में ज्यादा रुचि दिखा रही है। प्रशासन के नोटिस के बाद सोनम वांगचुक ने बुधवार को ‘एक्स’ (ट्विटर) पर इस नोटिस को “शाही फरमान” बताया। उन्होंने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए लिखा- स्कूल बंद करो और शराब के बार खोलो। उन्होंने मीडिया संस्थानों से भी अपील की कि वे उपराज्यपाल प्रशासन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ उनकी प्रतिक्रिया को भी जगह दें। उन्होंने कहा कि उनके स्कूल को लेकर इंटरनेट और समाचार माध्यमों में कई तरह की भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं। वांगचुक ने दावा किया कि संसद की शिक्षा संबंधी समिति ने HIAL को देशभर में इसी तरह के संस्थानों के रूप में विकसित करने की सिफारिश की थी। लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में भी संस्थान को स्थायी प्रदर्शनी में जगह मिली है। टाइम मैगजीन ने इसके प्रोजेक्ट्स को अपनी ‘टाइम 100 क्लाइमेट सॉल्यूशंस’ सूची में शामिल किया था। इसके बावजूद संस्थान को बंद करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने पत्नी को भेजा नोटिस लेह के तहसीलदार की ओर से जारी नोटिस HIAL की संस्थापक और सीईओ डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो के नाम है। वह सोनम वांगचुक की पत्नी हैं। नोटिस में उन्हें स्कूल की मौजूदा स्थिति बनाए रखने और ऐसा कोई कदम नहीं उठाने को कहा गया है, जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट में लंबित मामले पर असर पड़े। प्रशासन के अनुसार आंगमो ने 22 सितंबर को लेह के उपायुक्त को पत्र लिखकर HIAL परिसर के अंतर्गत फ्यांग स्थित डेजर्ट फ्लावर स्कूल की प्रस्तावित प्रबंधन समिति के सदस्यों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) या मंजूरी मांगी थी। हालांकि, प्रशासन का आरोप है कि जरूरी अनुमति मिलने से पहले ही स्कूल में कक्षाएं और दूसरी गतिविधियां शुरू कर दी गईं। 2018 में मिला था 1076 कनाल जमीन का आवंटन यह विवाद HIAL को आवंटित जमीन से जुड़ा है। मई 2018 में संस्थान को फ्यांग थांग में 1076 कनाल और एक मरला जमीन हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास पर केंद्रित वैकल्पिक विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए आवंटित की गई थी। यह जमीन 40 साल की लीज पर दी जानी थी। 21 अगस्त 2025 को लद्दाख प्रशासन ने आवंटन रद्द कर दिया।
