जांजगीर । छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में अंजाम दी गई एक सनसनीखेज वारदात में दो लोगों की जान चली गई. पामगढ़ थाना क्षेत्र के पनगांव में रहने वाले राजा खरे उर्फ कमलनाथ खरे ने 10 लाख रुपये की उधारी वापस न करने की नीयत से खौफनाक योजना बनाई. आरोपी ने शेयर ट्रेडिंग में बड़ा नुकसान झेलने के बाद चार महीने पहले अपने परिचित और निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे से भारी रकम उधार ली थी.
रकम अदायगी के लिए दिए गए बैंक चेक बाउंस हो जाने के कारण जोहित लगातार पैसों की मांग कर रहे थे. इसी तकादे से आजिज आकर आरोपी ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची और झांसा देकर मुलाकात के लिए बुलाया.
घटना वाले दिन 23 अक्टूबर की शाम को कुटराबोड़ हेलीपैड के समीप एक चखना दुकान पर यह घातक मुलाकात तय हुई.
आरोपी ने अपने साथी मुकेश कश्यप के जरिए शराब की बोतलें मंगवाईं. मौका देखते ही उसने जेब से निकालकर बोरेक्स पाउडर (सुहागा) शराब में मिला दिया और जबरन जोहितराम खरे को पिला दिया. उस वक्त जोहित के साथ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के स्थानीय पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55) भी मौजूद थे.
साजिश का हिस्सा न होते हुए भी जांगड़े को वही जहरीली शराब पीनी पड़ी. शराब का सेवन करते ही दोनों की हालत नाजुक होने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में बिलासपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अस्पताल में जीवन और मौत से जूझते हुए जोहितराम खरे ने अपनी बेटी मनीषा को आपबीती बताई कि राजा खरे ने उन्हें धोखे और जबरदस्ती से कुछ मिला हुआ पेय पदार्थ पिलाया है. 24 अक्टूबर को इलाज के दौरान जोहितराम (52) और पार्षद रामखिलावन दोनों ने दम तोड़ दिया.
शुरुआती संदिग्ध परिस्थिति के बाद जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई, तब शरीर में जहर की मौजूदगी की पुष्टि हुई. इसके बाद मृतक की बेटी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तफ्तीश की रफ्तार बढ़ाई और मुख्य संदिग्ध राजा खरे को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की.
पुलिसिया पूछताछ के दौरान आरोपी ने कर्ज चुकाने के भारी मानसिक दबाव में हत्या की बात स्वीकार कर ली. उसकी निशानदेही पर वारदात स्थल के पास से सुहागा की पुड़िया और शराब की खाली बोतलें बरामद कर ली गई हैं.
पामगढ़ थाना पुलिस ने आरोपी राजा खरे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि शराब की व्यवस्था करने वाले फरार सहयोगी मुकेश कश्यप की तलाश में छापेमारी की जा रही है.