11 नाबालिक फरार ,12 घंटे बीते पर पर पुलिस बेनतीजा ! अंबिकापुर में में कानून व्यवथा की खुली पोल ?

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बाल सुधार गृह से 11 नाबालिग खिड़की तोड़कर फरार हो गए। घटना के 12 घंटे बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले की जानकारी मिलते ही गांधीनगर पुलिस ने तलाश अभियान शुरू कर दिया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। फरार बच्चों की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

शाम को हुई घटना, शहरभर में नाकेबंदी

जानकारी के अनुसार यह घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे गांधी नगर थाना क्षेत्र स्थित सरकारी नाबालिग निगरानी गृह में हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित स्थानों पर नाकेबंदी कर दी। फरार किशोरों की तलाश के लिए विशेष टीमों को भी लगाया गया है।

भोजन के बाद बनाया भागने का प्लान

निगरानी गृह के देखभालकर्ता मनीष कुशवाहा के अनुसार अधिकांश किशोर रात का भोजन करने के बाद अपने कमरों में लौट चुके थे, जबकि कुछ टीवी देख रहे थे। इसी दौरान तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई और इलाके की बिजली चली गई। अंधेरा होते ही कुछ किशोरों ने कथित तौर पर एक खिड़की को उखाड़ दिया और वहां से बाहर निकलकर फरार हो गए। घटना का पता चलने के बाद कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

चोरी, हत्या और दुष्कर्म जैसे मामलों में थे शामिल

अधिकारियों के मुताबिक फरार हुए किशोर सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिलों के निवासी हैं। इन्हें चोरी, दुष्कर्म और हत्या जैसे विभिन्न मामलों में किशोर न्याय अधिनियम के तहत निगरानी गृह में रखा गया था।

पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटीं

घटना के बाद पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और जिले की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी फरार किशोरों को जल्द से जल्द तलाशने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

एक साथ 11 किशोरों के फरार होने की घटना ने निगरानी गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में किशोर कैसे भाग निकले और सुरक्षा में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

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