पीजीएसए ने कहा कि इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जहाजों को पर्शियन गल्फ वॉटरवे मैनेजमेंट के साथ समन्वय करना होगा और इस संस्था से अनुमति लेनी होगी।
नई बनाई गई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने होर्मुज जलमार्ग के मैनेजमेंट और निगरानी क्षेत्र की सीमाएं तय कर दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई एक पोस्ट में पीजीएसए ने बताया कि यह सुपरविजन एरिया ईरान के कुह मोबारक और संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह के दक्षिणी हिस्से को जोड़ने वाली लाइन से शुरू होता है। इसके बाद यह क्षेत्र होर्मुज जलमार्ग के पश्चिम में ईरान के केशम द्वीप के आखिरी हिस्से और यूएई के उम्म अल-कैवैन को जोड़ने वाली लाइन तक फैला हुआ है।
पीजीएसए ने कहा कि इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जहाजों को पर्शियन गल्फ वॉटरवे मैनेजमेंट के साथ समन्वय करना होगा और इस संस्था से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए तय फ्रीक्वेंसी पर संपर्क करना भी जरूरी होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं हो रही है। दोनों देश अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे, जबकि ईरान अपनी ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखते हुए होर्मुज जलमार्ग पर अधिक नियंत्रण चाहता है।
सोमवार को ईरान ने एक नई रेगुलेटरी संस्था शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य इस रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग से जुड़े सभी ऑपरेशन्स की निगरानी और प्रबंधन करना है। ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा संस्था, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने एक्स पर एक पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए बताया कि “पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी” (PGSA) का आधिकारिक एक्स अकाउंट अब सक्रिय हो गया है।
इस घोषणा को होर्मुज जलमार्ग से जुड़े विकास और गतिविधियों की निगरानी के लिए एक समर्पित संस्था की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। होर्मुज जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
समुद्री ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए तेहरान का नया सिस्टम
इस महीने की शुरुआत में ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने बताया था कि तेहरान ने होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले समुद्री ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एक नया सिस्टम लागू किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब इस मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को info@PGSA.ir और mailto:info@PGSA.ir ईमेल एड्रेस से आधिकारिक संदेश भेजे जाएंगे। इन संदेशों में नए नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत जहाजों को जारी निर्देशों का पालन करना होगा और होर्मुज जलमार्ग में प्रवेश करने से पहले ट्रांजिट परमिट लेना जरूरी होगा। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है और वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
हाल के समय में पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिकी-इजरायली गठबंधन बलों और ईरान के बीच तनाव और संघर्ष के कारण इस मार्ग पर बड़े स्तर पर रुकावटें देखने को मिली हैं। प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान ने इस नई पहल को एक “संप्रभु शासन व्यवस्था” यानी सॉवरेन गवर्नेंस मैकेनिज्म बताया है और कहा है कि यह अब पूरी तरह लागू हो चुका है।