नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र में 19 महीने के एक नर चीते KNG22 की बंदूक के छर्रे लगने से मौत हो गई. आपातकालीन सर्जरी और गहन पशुचिकित्सा देखभाल के बावजूद चीते ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बुधवार को मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चीता KNG22 कूनो नेशनल पार्क के संरक्षित क्षेत्र से बाहर निकलकर मुरैना क्षेत्रीय वन क्षेत्र में चला गया था, जहां 25 अक्टूबर को वह गंभीर अवस्था में घायल पाया गया.
वन विभाग की टीम ने उसी दिन उसे श्योपुर प्रादेशिक वन क्षेत्र से रेस्क्यू किया और इलाज के लिए तुरंत जबलपुर स्थित पशुचिकित्सा केंद्र पहुंचाया.
डॉक्टरों ने चीते की जान बचाने के लिए इमरजेंसी सर्जरी की, जिसके दौरान उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे (पेलेट्स) बरामद किए गए. हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी 27 अक्टूबर को चीते ने दम तोड़ दिया.
केंद्र सरकार ने इस पूरी घटना की तह तक जाने के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच दल को मौके पर भेजा है. इस टीम में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के पुलिस महानिरीक्षक (IGF), वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अतिरिक्त निदेशक और WCCB के क्षेत्रीय उप निदेशक शामिल हैं.
यह टीम घटनास्थल का मुआयना करने के साथ-साथ सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी. वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई के लिए वन एवं पुलिस अधिकारियों की एक विशेष कार्य बल (STF) का गठन किया है.