केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद का दौरा किया और चारमीनार के पास स्थित श्री भाग्य लक्ष्मी माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनका यह दौरा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की शुरुआत के बीच हुआ। इस अभियान के जरिए भाजपा विपक्षी INDIA गठबंधन के आरोपों और उसके राजनीतिक नैरेटिव का जवाब देने की तैयारी में है।
अमित शाह के दौरे से तेलंगाना BJP में बढ़ी हलचल
अमित शाह के हैदराबाद पहुंचने को तेलंगाना में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। तेलंगाना भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एनवी सुभाष ने कहा कि अभियान का उद्देश्य विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे कथित ‘झूठे प्रचार’ का जवाब देना है।
भाजपा का कहना है कि इस अभियान के जरिए जनता के बीच अपनी बात पहुंचाई जाएगी और विपक्ष के आरोपों को लेकर पार्टी का पक्ष रखा जाएगा। तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चेबंदी तेज करने की रणनीति के तहत भी इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टैंक बंड पर पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे अमित शाह
हैदराबाद में अभियान के तहत अमित शाह एक पदयात्रा का नेतृत्व करने वाले हैं। तेलंगाना भाजपा इकाई की ओर से आयोजित यह मार्च शाम 4 बजे टैंक बंड से शुरू होगा। पदयात्रा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से शुरू होकर डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर समाप्त होगी।
इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी को आशा है कि इस पदयात्रा से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आएगा और राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस सरकार के खिलाफ BJP की रणनीति
अमित शाह के दौरे से पहले निजाम कॉलेज से एमजे मार्केट और नामपल्ली तक स्वागत से जुड़े बड़े डिस्प्ले लगाए गए थे। इन तैयारियों को कार्यक्रम के व्यापक आयोजन के तौर पर देखा जा रहा है।
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को धार देने की कोशिशों के बीच भाजपा का यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। पार्टी की नजर राज्य में अपने जनाधार को मजबूत करने और विपक्षी गठबंधन के राजनीतिक संदेश का मुकाबला करने पर है।