फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हरा कर फाइनल में जगह बना ली। स्पेन 96 साल के फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरी बार फाइनल में पहुंचा। स्पेन एक बार ये खिताब 2010 जीत चुका है।
स्पेन ने साबित कर दिया है कि वे फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सबसे मजबूत टीमों में से एक क्यों हैं। स्पेन ने डलास स्टेडियम में टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में मजबूत फ्रांस को 2-0 हराकर फाइनल में जगह बनाई। लुइस डे ला फुएंते की कप्तानी में स्पेनिश टीम के इस बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने के साथ ही वे 96 सालों में दूसरी और 44 सालों में पहली ऐसी टीम बन गई हैं जिसने वर्ल्ड कप में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।
दूसरी बार फाइनल में पहुंचा स्पेन
स्पेन ने यूरो 2024 जीता और मौजूदा यूरोपियन चैंपियन के तौर पर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंच गया। जब वे पिछली बार 2010 में फाइनल में पहुंचे थे जिसे उन्होंने जीता था तब स्पेन मौजूदा यूरो चैंपियन भी था जिसने 2010 में ट्रॉफी जीती थी। अब स्पेन मौजूदा यूरो चैंपियन के तौर पर दो फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है। वेस्ट जर्मनी ऐसा करने वाली पहली टीम थी और उसने साल 1972 और 1980 के यूरो चैंपियन के तौर पर 1974 और 1982 के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था।
अगर स्पेन यह टूर्नामेंट जीतता है, तो वह मौजूदा यूरो चैंपियन के तौर पर दो फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। जर्मनी ने 1972 के यूरो चैंपियन के तौर पर 1974 का टूर्नामेंट जीता था। स्पेन का 16 साल का इंतजार खत्म हो गया है और वे फीफा वर्ल्ड कप के 96 साल के इतिहास में दूसरी बार फाइनल में पहुंचे हैं। वे पिछली बार 2010 में फाइनल में पहुंचे थे जहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में नीदरलैंड्स को हराया था। उसके बाद से स्पेन राउंड ऑफ 16 से आगे नहीं बढ़ पाया था। 2014 में जब वे डिफेंडिंग चैंपियन थे तब भी ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गए थे।
स्पेन को 2-0 से मिली जीत, मिकेल-पोरो ने किए गोल
सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा फ्रांस टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक अटैक करने वाली टीम के तौर पर फाइनल में पहुंचा था और उसने 16 गोल किए थे। हालांकि स्पेन की डिफेंसिव ताकत इतनी जबरदस्त थी कि उन्होंने मैच पर पूरी तरह कब्जा जमाए रखा और फ्रांस को गोल करने का कोई मौका तक नहीं दिया। मिकेल ओयारजाबल ने 22वें मिनट में पेनल्टी से स्पेन के लिए पहला गोल किया। इसके बाद 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने गोल करके मैच का नतीजा तय कर दिया।
2010 के बाद यह पहला मौका था जब फ्रांस को फीफा वर्ल्ड कप मैच में 2 गोल के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में एम्बाप्पे का प्रदर्शन साधारण रहा और वो फ्रांस के लिए कोई गोल नहीं कर पाए तो वहीं यामाल के खिलाफ उनका रिकॉर्ड जारी रही। दरअसल यामाल जब भी नॉकआउट मुकाबले में किलियन के सामने आए हैं वो कोई मैच नहीं हारे हैं। स्पेन का सामना फाइनल में इंग्लैंड या फिर अर्जेंटीना से होगा जो दूसरे सेमीफाइनल में भिड़ेंगे। फाइनल मुकाबला इस वर्ल्ड कप का 20 जुलाई को खेला जाएगा।