पीएम मोदी का इंडोनेशिया दौरा: प्रम्बानन मंदिर में गूंजा 'ओम नमः शिवाय' का मंत्र....

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित 9वीं सदी के प्रम्बानन मंदिर का प्रांगण ‘ओम नमः शिवाय’ के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और इस आध्यात्मिक माहौल की झलक सोशल मीडिया पर साझा की। एक्स पर साझा किया मंत्रोच्चार का वीडियो प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 28 सेकंड का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय!” वीडियो में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमीन पर बैठकर आंखें बंद किए और हाथ जोड़कर ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप करते दिखाई और सुनाई देते हैं। इस दौरान मंदिर में घंटियों की ध्वनि भी गूंजती है। गेरुए रंग के परिधान में प्रधानमंत्री मोदी भी हाथ जोड़कर मंत्रोच्चार के बीच खड़े नजर आते हैं। राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ पहुंचे मंदिर इंडोनेशिया यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर का संयुक्त दौरा किया। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर के इतिहास तथा सांस्कृतिक महत्व की जानकारी ली। पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न कराई और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। पहले भी साझा की थी मंदिर की झलक मंदिर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर प्रम्बानन मंदिर का हवाई वीडियो साझा करते हुए लिखा था, “राजसी प्रम्बानन मंदिर!” उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की थी और लिखा था, “राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जाते हुए।” संरक्षण परियोजना का भी किया उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए प्रम्बानन मंदिर जाने की जानकारी दी थी। इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापन परियोजना का संयुक्त उद्घाटन भी किया, जिसे दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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