मेडल रायगढ़ का, भविष्य किसका? खिलाड़ियों के सम्मानजनक रोजगार की मांग
रायगढ़ के अनेक खिलाड़ियों ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। समिति ने कहा है कि खिलाड़ियों की मेहनत केवल मेडल, प्रमाणपत्र और मंच पर सम्मान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रायगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके पात्र खिलाड़ियों के लिए रोजगार, छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता तथा उद्योगों के सहयोग से अवसर उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था की मांग की गई है। जिसने रायगढ़ का नाम रोशन किया, उसके भविष्य की जिम्मेदारी भी रायगढ़ को उठानी होगी। 29 अगस्त को आवाज उठेगी, आगे यह आवाज जनआंदोलन का रूप लेगी।
रोजगार के साथ पर्यावरण भी आंदोलन के केंद्र
समिति ने रोजगार के साथ रायगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को भी आंदोलन का प्रमुख विषय बनाया है। समिति की प्रमुख मांगों में प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी व्यवस्था में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी, उद्योगों के निरीक्षण एवं अधिकारियों के दौरे की जानकारी सार्वजनिक करना तथा प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की स्थिति जनता के सामने लाना शामिल है।
ESP से लेकर फ्लाई ऐश तक—हर व्यवस्था का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
समिति ने उद्योगों में संचालित ESP की बिजली खपत को लेकर पारदर्शिता की मांग की है। समिति का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी मानकों के आधार पर यह स्पष्ट होना चाहिए कि ESP के संचालन में कितनी बिजली की खपत अपेक्षित है और वास्तविक खपत कितनी हो रही है।इसी तरह फ्लाई ऐश के परिवहन और निपटान की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। समिति चाहती है कि—फ्लाई ऐश कहां गया?किस वाहन से गया?कितनी मात्रा में गया? किस स्थान पर उसका निपटान हुआ? इन सभी सवालों का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए।
पेड़ काटे गए तो लगाए कितने? अब इसका भी हिसाब चाहिए
उद्योगों द्वारा पेड़ों की कटाई के बदले किए गए पौधरोपण का स्थान, संख्या और वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग भी समिति ने रखी है।समिति का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
स्थायी समिति की मांग—अब निगरानी भी होगी और जवाबदेही भी
नवनिर्माण संकल्प समिति ने “जिला स्थानीय रोजगार एवं खिलाड़ी कल्याण समिति” के गठन की मांग की है।
इस समिति में—जिला प्रशासन, उद्योग प्रतिनिधि, रोजगार विभाग, जनप्रतिनिधि, युवा प्रतिनिधि, खिलाड़ी और स्थानीय नागरिकों को शामिल करने की मांग की गई है। समिति का उद्देश्य स्थानीय रोजगार, खिलाड़ियों के रोजगार एवं CSR सहायता तथा पर्यावरणीय मुद्दों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्ययोजना सुनिश्चित करना होगा।
सोशल मीडिया पर भी मुद्दे को मिल रहा समर्थन
समिति की ओर से दावा किया गया है कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार से जुड़े अभियान के वीडियो को सोशल मीडिया पर करीब चार लाख लोगों ने देखा है। समिति का कहना है कि सोशल मीडिया पर मिल रहे समर्थन को अब जमीनी जनसमर्थन में बदलने का प्रयास किया जाएगा और 29 अगस्त के कार्यक्रम में खिलाड़ियों, युवाओं तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की सहभागिता रहेगी।
क्या कहते हैं रामचंद्र शर्मा?
“नव निर्माण संकल्प समिति के अध्यक्ष तथा कार्यक्रम के संयोजक रामचंद्र शर्मा का कहना है कि रायगढ़ के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा जाए। रायगढ़ के युवाओं और खिलाड़ियों के भविष्य का सवाल अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मैदान में मेहनत करके रायगढ़ का नाम रोशन करते हैं, वहीं स्थानीय युवा अपनी योग्यता के बावजूद रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं। ऐसे में उद्योगों और प्रशासन को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें स्थानीय युवाओं को उचित अवसर मिले और प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त की भूख हड़ताल शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को मजबूती से रखने का पहला चरण है। यदि आवश्यक हुआ तो आगे चरणबद्ध तरीके से रैली और व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से गांधी प्रतिमा के पास, एसपी कार्यालय के सामने, आयोजितएक दिवसीय भूख हड़ताल शामिल होने तथा समर्थन देने की अपील रामचंद्र शर्मा ने रायगढ़ वासियों से किया है।
संस्था के सचिव दीपक मंडल बोले—यह शुरुआत है, मंजिल नहीं
नवनिर्माण संकल्प समिति के सचिव दीपक मंडल ने कहा कि रायगढ़ के स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार एवं अधिकार का मुद्दा लंबे समय से गंभीरता से उठाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त की भूख हड़ताल आंदोलन का पहला चरण है। इसके बाद युवाओं, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को जोड़कर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
दीपक मंडल ने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना केवल मांग नहीं, बल्कि रायगढ़ के युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उद्योगों के विकास के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने चाहिए और इसके लिए प्रशासन तथा उद्योग प्रबंधन के बीच स्पष्ट एवं जवाबदेह व्यवस्था बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में बड़ी रैली सहित व्यापक जनसंपर्क और जनआंदोलन की तैयारी की जाएगी।