श्री क्षेत्रधाम की यात्रा से लौटे श्री श्री हरि संकीर्तन्य मंडली ग्राम जुर्डा का हुआ सम्मान....

रायगढ़। चकाचौंध और आधुनिकता के दौर में जब युवा पीढ़ी तेजी से पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है, वहीं रायगढ़ पूर्वांचल के ग्राम जुर्डा के युवाओं ने धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़कर प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री श्री हरि संकीर्तन्य मंडली के सदस्यों ने श्री जगन्नाथ पुरी धाम की यात्रा कर वहां श्री मंदिर के समक्ष भजन-कीर्तन एवं हरिनाम संकीर्तन किया। यात्रा से लौटने पर समाजसेवी एवं चिकित्सक श्री सुरेश शर्मा, ज्योतिषाचार्य डॉ. महेंद्र मिश्रा, भूतपूर्व सरपंच श्री टीकाराम पटेल, भूतपूर्व सरपंच श्री तोषराम नायक, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री महेश राम गुप्ता, सेवानिवृत्त शिक्षक श्री रुपधर यादव एवं जगन्नाथ सेवा समिति ग्राम पंचायत जुर्डा द्वारा 24 अगस्त 2026, दिन सोमवार को सम्मान समारोह आयोजित कर मंडली के सभी सदस्यों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान जगन्नाथ जी की पूजा एवं आरती के साथ हुई। इसके पश्चात ग्राम जुर्डा के गणमान्य नागरिकों ने श्री श्री हरि संकीर्तन मंडली के सभी सदस्यों को पुष्प एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। ग्रामीण माताओं, बहनों और छोटे-छोटे बच्चों की उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ा दी। इस अवसर पर आपसी भाईचारे, स्नेह और धार्मिक उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ग्राम पंचायत जुर्डा में पिछले कई वर्षों से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता आ रहा है। धार्मिक गतिविधियों के कारण ग्राम जुर्डा की पहचान रायगढ़ पूर्वांचल में एक धार्मिक गांव के रूप में बनी है।     कीर्तन मंडली के सभी सदस्यों का एक साथ धार्मिक यात्रा करना अच्छी पहल : श्री सुरेश शर्मा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी एवं चिकित्सक श्री सुरेश शर्मा ने कहा कि कीर्तन मंडली के सभी सदस्यों का एक साथ तीर्थयात्रा करने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। सभी सदस्यों ने मिलकर भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन किए और वहां भजन-कीर्तन किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार सभी सदस्य मिलकर विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा करते रहें और धर्म-संस्कृति के प्रचार-प्रसार में योगदान दें। जुर्डा के युवाओं ने प्रस्तुत किया प्रेरणादायी उदाहरण युवाओं में संकीर्तन, नाम-जप और धर्म प्रचार के प्रति बढ़ती रुचि समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। इसी भावना के साथ श्री श्री हरि संकीर्तन्य मंडली श्री क्षेत्र पुरी पहुंची और श्रद्धा-भक्ति के साथ श्री जगन्नाथ महाप्रभु के श्री मंदिर के सामने संकीर्तन एवं हरिनाम प्रचार किया।   सनातन संस्कृति की जागृति के लिए सदैव तत्पर युवा कथावाचक एवं ग्राम पुरोहित डॉ. महेंद्र मिश्रा ने कहा कि मानस में काकभुशुंडी जी ने भी कहा है, “निज अनुभव अब कहउँ खगेसा। बिनु हरि भजन न जाहिं कलेसा।” उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, संस्कार और समाज को जोड़ने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्रों में जाकर संकीर्तन करने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में आगामी 21 सितंबर से यह टोली अयोध्या, हरिद्वार, वृंदावन की यात्रा में निकलेगी। कीर्तन मंडली के सदस्यों ने साझा किया पुरी धाम यात्रा का अनुभव जगन्नाथ पुरी धाम की यात्रा से लौटे कीर्तन मंडली के सदस्यों ने समारोह में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सभी सदस्य यात्रा के लिए एकमत हुए और श्रीक्षेत्र पुरी पहुंचकर श्री मंदिर के समक्ष भजन-कीर्तन किया। भगवान जगन्नाथ प्रभु के दर्शन प्राप्त करना और वहां के पवित्र धार्मिक वातावरण में संकीर्तन करना सभी के लिए अलौकिक अनुभूति रही। सदस्यों ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें धर्म, भक्ति और आपसी एकता का विशेष अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की धार्मिक यात्राएं समाज में भाईचारा बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को अपनी जड़ों, संस्कारों और सनातन संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती हैं। इनकी रही उपस्थिति कार्यक्रम में ग्राम पंचायत जुर्डा के श्री पुरंधर यादव, श्री नेत्रानंद गुप्ता, श्री नेपाल प्रधान, श्री जयदेव ठाकुर सहित  ग्राम पंचायत जुर्डा के गणमान्य नागरिक एवं बहु संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सम्मान प्राप्ति के पश्चात सभी सदस्यों ने ग्राम पंचायत जुर्डा के गणमान्य नागरिकों एवं समस्त ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। “आधुनिकता के साथ संस्कार, युवावस्था के साथ धर्म और जीवन के साथ हरिनाम—यही हमारी संस्कृति की पहचान है।”

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